देश / दुनिया
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से महाविनाश; 17 की मौत, 384 से ज्यादा लोग लापता, चीन बॉर्डर को जोड़ने वाली 42 KM सड़क और कई पुल भोटेकोशी नदी में बहे
देवभूमि जन हुंकार, काठमांडू/नई दिल्ली: पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में प्रकृति के रौद्र रूप ने भयंकर तबाही मचा दी है। देश के पहाड़ी इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ (Flash Flood) और विनाशकारी भूस्खलन के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 384 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस भीषण जलप्रलय में नेपाल के नुवाकोट से चीन सीमा तक जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक लाइफलाइन मार्ग पूरी तरह कट गया है और कई कंक्रीट पुल तिनके की तरह बह गए हैं।
🌊 भोटेकोशी नदी के उफान में 42 किलोमीटर सड़क समाई
नेपाल सड़क विभाग के अनुसार, उफान पर बह रही भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने नुवाकोट के बेट्रावती से रसुवा के रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग को जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सामरिक सड़क को पूरी तरह बहा दिया है।

सड़क विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल शुभराज नेउपाने ने तबाही का ब्योरा देते हुए बताया:
“हमें जो प्रारंभिक सूचनाएं मिली हैं, उसके अनुसार बेट्रावती से रसुवागढ़ी बॉर्डर तक का पूरा 42 किलोमीटर का हिस्सा बाढ़ के तेज बहाव में बहकर नष्ट हो चुका है। सड़क पर बने कई मजबूत कंक्रीट के पुल भी पानी के साथ बह गए हैं। हम अभी भी जमीनी स्तर पर हुए नुकसान के पूरे वास्तविक दायरे का आकलन कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि स्याफ्रुबेसी से बॉर्डर की ओर आगे के 16 किलोमीटर के हिस्से में हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।
🇨🇳 चीन सरकार के सहयोग से बन रहा टू-लेन मार्ग भी बहा
यह रणनीतिक सड़क भोटेकोशी नदी के समानांतर किनारे-किनारे बनी हुई है और भौगोलिक संवेदनशीलता के कारण इसे बार-बार बाढ़ का सामना करना पड़ता है।
विदित रहे कि पिछले साल भी बाढ़ के कारण इस सड़क को भारी क्षति पहुंची थी और नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र से बहने वाली ल्हेंडे नदी में आई बाढ़ ने प्रसिद्ध मितरी पुल को नष्ट कर दिया था। उस नुकसान के बाद, चीन सरकार की वित्तीय और तकनीकी मदद से स्याफ्रुबेसी से बॉर्डर की ओर 16 किलोमीटर के हिस्से को टू-लेन सड़क में अपग्रेड करने का कार्य तेजी से शुरू किया गया था। सड़क विभाग ने पुष्टि की है कि हालिया विनाशकारी बाढ़ ने उस निर्माणाधीन टू-लेन हिस्से को भी पूरी तरह से बहा दिया है।
📵 सुपरवाइजरों से टूटा संपर्क, राहत-बचाव में बाधा
डिप्टी डायरेक्टर जनरल शुभराज नेउपाने ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि स्याफ्रुबेसी और चीन बॉर्डर के बीच सड़क पर तैनात विभागीय सुपरवाइजरों और तकनीकी कर्मचारियों से भी संचार नेटवर्क ध्वस्त होने के कारण संपर्क टूट गया है।
बाढ़ और मलबे के कारण नेपाल-चीन का जमीनी व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल लापता 384 नागरिकों की तलाश में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं।
क्राइम
Villagers Detain Karnataka Police in Nepal; Release After Intervention
बनबसा / चम्पावत: भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर सामने आ रही है।
नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा हुआ।
इसके बाद, बिना स्थानीय पुलिस को आधिकारिक सूचित किए और बिना वैध वारंट के की गई इस कार्रवाई नेपाल में भारी हंगामा मचाती रही।
अंततः नेपाल पुलिस के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम को पुलिसकर्मियों को छोड़ा गया।
इसके बाद वे बैरंग वापस लौट आए।
🔍 नेपाल तक कैसे पहुँची कर्नाटक पुलिस?
According to available details, a serious rape case involving a minor emerged in Karnataka a few months ago.
However, after charges were filed, the police had been actively searching for the main accused.
They were also conducting raids across several states and locations to arrest him.
जांच के दौरान सूत्रों से कर्नाटक पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी की लोकेशन नेपाल में है. इसी सूचना के आधार पर शनिवार को पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में बनबसा बार्डर से नेपाल पहुँचे. वे नेपाल के कंचनपुर जिले के दोराहे क्षेत्र में पहुँचे. नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा.
ग्रामीणों के विरोध और बंधक बनाए जाने की स्थिति
नेपाल के उक्त गांव में कर्नाटक पुलिस ने स्थानीय सहयोग के बगैर आरोपी को पकड़ने की धरपकड़ शुरू की।
फिर माहौल अचानक गर्म हो गया।
बाहरी पुलिसकर्मियों को इस तरह कार्रवाई करते देख स्थानीय लोग भड़क गए।
A large number of villagers quickly gathered.
They surrounded the Karnataka police team on all sides.
Consequently, the police were held hostage, and officers panicked.
नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा.
👮♂️ नेपाल पुलिस की एंट्री और वारंट का पेच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नेपाल पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची।
तब नेपाल पुलिस ने कर्नाटक पुलिस से पूछताछ की।
आरोपी का गिरफ्तारी वारंट और नेपाल में कार्रवाई के वैध दस्तावेज दिखाने को कहा, पर वे असमर्थ रहे।
Additionally, it emerged that before the border raid, the Karnataka police gave no prior notice to Nepal’s local administration.
Nor did they seek any legal cooperation from Nepal authorities.
🔄 शाम को रिहाई और बैरंग वापसी
आज सुबह नेपाल पहुँचे इन पुलिसकर्मियों और आक्रोशित ग्रामीणों के बीच घंटों तक तीखी नोंकझोंक और खींचतान रही।
इसके बाद स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए नेपाल पुलिस के उच्चाधिकारियों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की।
अंततः नेपाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शाम को ग्रामीणों ने कर्नाटक पुलिस की टीम को मुक्त किया।
इसके अलावा, वे अपनी कार्रवाई में सफल नहीं हो पाए और बैरंग लौट आए।
मामला नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा के रूप में चर्चा में रहा।
अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर बिना समन्वय के पुलिस कार्रवाई करने का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
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