उत्तराखंड
‘शराब के नशे में हुआ मामूली विवाद बना खूनी खेल!’ हरिद्वार पुलिस के हत्थे चढ़े दो शातिर हत्यारोपी, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद
दोस्तों ने ही दोस्त को उतारा मौत के घाट; हरिद्वार के टिकोला रजवाहे में मिले शव के मामले का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, दो हत्यारोपी गिरफ्तार
देवभूमि जन हुंकार, हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में दोस्ती के रिश्तों को कलंकित करने वाली एक दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम टिकोला रजवाहे में मिले एक युवक के शव की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। पैसों के लेनदेन और शराब पीते वक्त वीडियो बनाने को लेकर उपजे मामूली विवाद में दो दोस्तों ने ही अपने ही जिगरी दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
🌊 टिकोला रजवाहे में मिला था अज्ञात शव
प्राप्त विवरण के अनुसार, दिनांक 23 अगस्त 2026 को कोतवाली मंगलौर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम टिकोला के पास रजवाहे में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मंगलौर मय पुलिस बल के तत्काल मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मौके के भौतिक व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए तथा फील्ड यूनिट की मदद से जरूरी साक्ष्य जुटाए। मृतक की शिनाख्त कपिल पुत्र मेघपाल, निवासी ग्राम टिकोला, कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई। घटना के बाद मृतक के भाई अमित कुमार द्वारा कोतवाली मंगलौर में BNS की धारा 103(1) के तहत रितिक और उसके एक अन्य साथी के विरुद्ध नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
🕵️♂️ पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुलासे की वजह
मुकदमा दर्ज होने के बाद एसएसपी हरिद्वार द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के अनुपालन में कोतवाली मंगलौर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास से सुराग जुटाए, मैनुअल इनपुट प्राप्त किए और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जाल बिछाया। पुलिस की छानबीन में नामित आरोपियों की संलिप्तता प्रथम दृष्टिया पूरी तरह सही पाई गई।
इसके बाद गठित पुलिस टीम ने दिनांक 27 अगस्त 2026 को दोनों नामजद आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
💰 15 हजार का उधार और वीडियो बनाने पर हुआ था विवाद
पुलिस पूछताछ में हत्या की मुख्य वजह सामने आई कि मृतक कपिल तथा आरोपी रितिक व दीपक आपस में अच्छे दोस्त थे और उनके बीच पैसों का लेनदेन भी चलता रहता था। मृतक कपिल ने रितिक और दीपक से 15,000 रुपये उधार ले रखे थे और इसके अलावा 700 रुपये के कपड़े भी खरीदे थे।
घटना के दिन एक सोची-समझी योजना के तहत आरोपियों ने कपिल को टिकोला पुलिया पर बुलाया और साथ मिलकर शराब पी। शराब पीने के दौरान मृतक कपिल ने अपना फोन निकालकर रितिक और दीपक की वीडियो बनाने की बात कही, जिससे दोनों आरोपी आग बबूला हो गए और बुरी तरह नाराज हो गए। इसी बात को लेकर उपजे विवाद में दोनों दोस्तों ने मिलकर कपिल को मौत के घाट उतार दिया और उसकी लाश को पानी के रजवाहे में फेंककर अपनी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
⚖️ आरोपी गिरफ्तार, बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 1. रितिक पंवार पुत्र धीर सिंह (निवासी ग्राम जटौली तैय्यबपुर बड़ा, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) और 2. दीपक पंवार पुत्र सुरेश (निवासी उपरोक्त) के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को नियमानुसार माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित और वैज्ञानिक कार्रवाई से एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश हो गया है।
उत्तराखंड
ऋषिकेश-नीलकंठ से लौट रही तीर्थयात्रियों से भरी बस पलटी, बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार दो लोगों की मौत
टिहरी गढ़वाल / ऋषिकेश: उत्तराखंड के टिहरी जिले से एक अत्यंत दर्दनाक और खौफनाक सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। ऋषिकेश-नीलकंठ से दर्शन करके वापस लौट रहे तीर्थयात्रियों से भरी राजस्थान नंबर की एक तेज रफ्तार बस शुक्रवार देर शाम ढालवाला-भद्रकाली मार्ग पर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। इस दुर्घटना के दौरान सड़क के किनारे से गुजर रहे स्कूटी सवार दो लोग बस की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
🚌 कैसे हुआ हादसा और क्या थी बस की स्थिति?
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, यह हादसा टिहरी जिले के अंतर्गत भद्रकाली ढालवाला रोड पर शुक्रवार देर शाम पेश आया। बस संख्या RJ18PB 1409 ऋषिकेश और नीलकंठ मंदिर से दर्शन करने के बाद वापस लौट रही थी। बस में लगभग 50 से 55 यात्री सवार बताए जा रहे हैं, और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में मौजूद अधिकांश यात्री देश की राजधानी दिल्ली के निवासी हैं।
बताया जा रहा है कि जब बस ढालवाला के पास एक तीखी ढलान पर पहुंची, तो वह अचानक अनियंत्रित हो गई। बस चालक के अनुसार, वाहन के ब्रेक में अचानक तकनीकी खराबी आने और ब्रेक फेल हो जाने के कारण वह वाहन पर अपना नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके परिणामस्वरूप बस सड़क पर जोर से पलट गई।
🛵 स्कूटी सवार दो लोगों की दर्दनाक मौत
दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि जिस वक्त बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी, ठीक उसी दौरान सड़क के किनारे से एक स्कूटी गुजर रही थी। पलटी हुई बस सीधे स्कूटी सवारों के ऊपर आ गिरी, जिससे स्कूटी पर सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही मुनि की रेती थाना पुलिस, ढालवाला चौकी पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और 108 एंबुलेंस की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान शुरू करते हुए गंभीर रूप से घायल दोनों स्कूटी सवारों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने अथक प्रयासों के बावजूद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
🏥 यात्रियों को भी आई हल्की चोटें, पुलिस जांच में जुटी
इस भीषण हादसे में बस में सवार कई अन्य यात्रियों को भी हल्की चोटें आने की सूचना है। मौके पर पहुंची राहत एवं बचाव दल की टीमों ने सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई और यातायात को सुचारू करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
ढालवाला चौकी इंचार्ज के मुताबिक, प्राथमिक पूछताछ में चालक द्वारा बस के अचानक ब्रेक फेल होने की बात बताई गई है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे के वास्तविक कारणों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। बस की मैकेनिकल स्थिति, मेंटेनेंस और ब्रेक फेल होने के दावों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। साथ ही, मृतक स्कूटी सवारों की शिनाख्त और अन्य विधिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। एक धार्मिक यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने और उसकी चपेट में आने से दो स्थानीय लोगों की मौत ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर वाहनों की फिटनेस और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तराखंड
‘मां और मौसी को आंखों के सामने मार डाला!’ भांजे की तहरीर पर पुलिस ने ऐसे पकड़ा कातिल मामा विवेक उर्फ विक्की
रुड़की (हरिद्वार): जनपद हरिद्वार अंतर्गत कोतवाली गंगनहर क्षेत्र के गणेशपुर में रिश्तों को कलंकित करने वाली रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। पारिवारिक संपत्ति विवाद और चरित्र पर संदेह के चलते एक सगे भाई ने अपनी ही दो बहनों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस गोलीबारी में आरोपी का जीजा भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के त्वरित एक्शन और कुशल मार्गदर्शन में गंगनहर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटना के चंद घंटों के भीतर मुख्य आरोपी को आलाकत्ल तमंचे और कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
🛑 गणेशपुर में आधी रात खूनी खेल, भांजे ने दर्ज कराई FIR
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिनांक 25-26 अगस्त 2026 की रात गणेशपुर (रुड़की) निवासी अर्जुन सिंह द्वारा कोतवाली गंगनहर में लिखित तहरीर दी गई। तहरीर में आरोप लगाया गया कि उसके सगे मामा विवेक उर्फ विक्की ने उनके घर पर आकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
इस जानलेवा हमले में अर्जुन की मां और मौसी की गोली लगने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए मौसा को भी गोली लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस तहरीर के आधार पर कोतवाली गंगनहर में तत्काल मु०अ०सं० 327/2026, धारा 103(1) एवं 109(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया और उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया।
⚡ कप्तान नवनीत सिंह का क्विक एक्शन, टीमें हुई सक्रिय
दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने घटना स्थल का जायजा लेने और अभियुक्त की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए।
एसएसपी के निर्देश पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक टीम और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। फील्ड यूनिट्स ने चंद घंटों के भीतर आरोपी के भागने के संभावित रास्तों की घेराबंदी कर दी।
🚔 चूडामणि मंदिर चौक से तमंचा और 6 खोखा कारतूस बरामद
सटीक इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीम ने त्वरित दबिश देकर आरोपी विवेक उर्फ विक्की को चूडामणि मंदिर चौक के पास, चुड़ियाला (थाना भगवानपुर) से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से:
- 01 अदद अवैध तमंचा (315 बोर)
- 06 अदद खोखा कारतूस (315 बोर)
- 01 स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (घटना में प्रयुक्त) बरामद की है।
🔍 संपत्ति विवाद और चरित्र पर शक बना हत्या की वजह
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी का अपनी बहनों के साथ संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और वह उनके चरित्र पर भी शक करता था। इसी रंजिश के चलते उसने इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त से अन्य विधिक पहलुओं पर भी गहन पूछताछ की जा रही है और उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
उत्तराखंड
BREAKING: बागेश्वर की बेटी ममता खाती को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’, कत्यूर घाटी और पिंगलों गांव में जश्न का माहौल
देवभूमि जन हुंकार, बागेश्वर: उत्तराखण्ड की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। जनपद बागेश्वर की गरुड़ तहसील अंतर्गत कत्यूर घाटी के ग्राम पिंगलों की निवासी और उत्तराखण्ड पुलिस बल में सेवारत ममता खाती को प्रतिष्ठित ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। इस घोषणा के बाद से ही उनके पैतृक गांव पिंगलों सहित समूची कत्यूर घाटी में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है।
🥇 38वें राष्ट्रीय खेलों में जीता था गोल्ड और कांस्य पदक
ममता खाती ने इससे पूर्व उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपने अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण (Gold) और कांस्य (Bronze) पदक अपने नाम कर गरुड़ तहसील, बागेश्वर जनपद और उत्तराखण्ड पुलिस का नाम पूरे देश में रोशन किया था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कत्यूर घाटी के निवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और गांव में मिष्ठान वितरण कर उत्सव मनाया जा रहा है।
👮 2016 में पुलिस सेवा में प्रवेश, मॉडर्न पेंटाथलॉन में रचा इतिहास
ममता खाती वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस में जनपद अल्मोड़ा में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में पुलिस सेवा में पदार्पण किया और विभागीय दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ मॉडर्न पेंटाथलॉन (Modern Pentathlon) खेल का नियमित अभ्यास शुरू किया।
कड़े परिश्रम और अडिग लगन के दम पर ममता ने पिछले वर्ष लेजर रन (Laser Run) स्पर्धा में असाधारण प्रदर्शन करते हुए:
- व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल
- टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल
- 3 किलोमीटर रिले (मिक्स) स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि पहाड़ की बेटियां खेल और साहस के हर मैदान में अग्रणी हैं।
👨👩👧 सैन्य पृष्ठभूमि से नाता, जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
ममता खाती एक अनुशासित सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रणजीत सिंह खाती भारतीय सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं, जबकि उनकी माता हंसी देवी एक कुशल गृहिणी हैं। ममता अभी अविवाहित हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपने खेल एवं पुलिस सेवा को समर्पित हैं।
ममता खाती को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार मिलने पर राज्य के गणमान्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है। दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, विधायक पार्वती दास, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा एवं जिला महामंत्री घनश्याम जोशी ने ममता खाती और उनके परिजनों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि ममता की यह सफलता प्रदेश के युवाओं और विशेषकर बालिकाओं के लिए खेल जगत में नए कीर्तिमान रचने की प्रेरणा बनेगी।
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