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उत्तराखंड

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का बड़ा अवसर: UKSSSC ने समूह-ग के तहत 553 पदों पर निकाली सीधी भर्ती, 8 सितंबर से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन

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देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी भरी अपडेट सामने आई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने विभिन्न विभागों में समूह-ग के अंतर्गत कनिष्ठ सहायक, कंप्यूटर सहायक, निबंधन लिपिक, टेलीफोन ऑपरेटर और सर्वे लेखपाल समेत कुल 553 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है।

📅 महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा और आवेदन से जुड़ी मुख्य तिथियां इस प्रकार हैं:

  • ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ होने की तिथि: 08 सितंबर 2026
  • ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि: 07 अक्टूबर 2026
  • आवेदन पत्र में संशोधन (Correction Window): 12 से 14 अक्टूबर 2026
  • लिखित परीक्षा की प्रस्तावित तिथि: 15 नवंबर 2026

📚 शैक्षणिक योग्यता और पात्रता (Educational Qualification)

जारी विज्ञापन के अनुसार, अधिकांश पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास (इंटरमीडिएट) होना निर्धारित की गई है। इसके अलावा, जिन पदों पर लिपिकीय कार्य होना है, उनके लिए कंप्यूटर पर हिंदी टंकण में न्यूनतम 4000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा की गति होना अनिवार्य किया गया है।

👤 आयु सीमा और छूट (Age Limit)

अभ्यर्थियों की आयु की गणना 01 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। सामान्य पदों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।

📝 परीक्षा पैटर्न और नेगेटिव मार्किंग (Exam Pattern)

चयन प्रक्रिया के तहत 100 अंकों की दो घंटे की वस्तुनिष्ठ (Objective) ऑफलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

  • सामान्य हिंदी: 20 अंक
  • सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन: 40 अंक
  • उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान: 40 अंक
  • विशेष नोट: परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक (1/4) की नेगेटिव मार्किंग होगी।

📋 प्रमुख पदों का विवरण (Post Breakdown)

इस भर्ती विज्ञापन में विभिन्न विभागों के अंतर्गत निम्नलिखित पद शामिल हैं:

  • कनिष्ठ सहायक / कनिष्ठ सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर (विभिन्न विभाग व कलेक्ट्रेट): 06 पद
  • निबंधन लिपिक: 55 पद
  • सहायक खनिज पर्यवेक्षक: 22 पद
  • सर्वे लेखपाल: 16 पद
  • कंप्यूटर सहायक: 09 पद
  • टेलीफोन ऑपरेटर (राज्यपाल सचिवालय): 01 पद
  • (तथा अन्य शेष पद विभिन्न विभागों के अंतर्गत विज्ञापित किए गए हैं)

💰 आवेदन शुल्क (Application Fee)

वर्गवार निर्धारित आवेदन शुल्क का विवरण निम्नलिखित है:

  • अनारक्षित व उत्तराखंड ओबीसी: 300 रुपये
  • अनुसूचित जाति (SC): 150 रुपये
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 150 रुपये
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 150 रुपये
  • दिव्यांग अभ्यर्थी: 150 रुपये

उत्तराखंड के युवाओं के लिए अपना भविष्य संवारने का यह एक सुनहरा अवसर है। अभ्यर्थी अंतिम तिथि से पहले आयोग की वेबसाइट पर जाकर समय से अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र भर लें।

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उत्तराखंड

‘वेस्ट हाईवे और बेकाबू रफ्तार का कहर!’ हल्दूचौड़ चौराहे पर हुए भीषण हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा, डंपर पुलिस के कब्जे में

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हल्दूचौड़ / लालकुआं: उत्तराखंड के हल्दूचौड़ चौराहे पर रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है। सड़क पार कर रहे एक स्कूटी सवार युवक को तेज गति से आ रहे बेकाबू डंपर ने अपनी जोरदार चपेट में ले लिया, जिससे युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। घटना के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर है और लोगों में यातायात सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह हादसा रविवार दोपहर व्यस्त हल्दूचौड़ चौराहे पर हुआ। मृतक की पहचान कमल पांडे पुत्र पूरन पांडे, निवासी हिम्मतपुर चौमवाल, बेरीपड़ाव के रूप में बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि कमल पांडे अपनी स्कूटी से सड़क क्रॉस कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक तेज गति के डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयानक था कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक वाहन समेत भागने की कोशिश में था, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और दुर्घटना में शामिल डंपर को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

हल्दूचौड़ चौराहे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे और व्यस्त चौराहों की यातायात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस चौराहे पर दिनभर भारी भरकम व्यावसायिक वाहनों के साथ-साथ दोपहिया और अन्य स्थानीय वाहनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच से राहगीरों और दोपहिया चालकों के लिए सड़क पार करना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है।

स्थानीय लोगों और आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कुछ दिनों तक जिम्मेदार विभाग और प्रशासन सक्रिय नजर आते हैं। चौराहों का निरीक्षण होता है, यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं।

लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने पुरजोर मांग रखी है कि हादसे के बाद केवल औपचारिकताएं और आश्वासन तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि दुर्घटना संभावित चौराहों पर स्पष्ट रोड मार्किंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग), प्रभावी संकेतक (साइनबोर्ड), गति नियंत्रण (स्पीड ब्रेकर) और सुरक्षित क्रॉसिंग की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कमल पांडे की अकाल मौत से हिम्मतपुर चौमवाल और बेरीपड़ाव क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे सड़क हादसे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ये कई हंसते-खेलते परिवारों की पूरी जिंदगी उजाड़ रहे हैं। प्रशासन को अब जागने की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को अपने किसी सदस्य को खोने का यह दर्द न झेलना पड़े।

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उत्तराखंड

Crime & State News: बागेश्वर में दर्दनाक हादसा; गरुड़ तहसील के सिमार गांव में चारा काट रही महिला को जहरीले सांप ने डंसा, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत, वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

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बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आ रही है। गरुड़ तहसील क्षेत्र के सिमार गांव में मवेशियों के लिए चारा काट रही एक 45 वर्षीय महिला को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिससे इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर है। इस बीच, वन विभाग ने बरसात के मौसम के मद्देनजर ग्रामीणों के लिए एक सख्त और आवश्यक एडवाइजरी जारी की है।

घास काटते वक्त पैर पर सांप ने डंसा

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह घटना गरुड़ तहसील के अंतर्गत आने वाले सिमार गांव की है। शनिवार देर शाम सिमार गांव निवासी 45 वर्षीय तुलसी देवी पत्नी राजेंद्र राम अपने घर के पास मवेशियों के लिए चारा काट रही थीं। इसी दौरान घास के बीच छिपे एक जहरीले सांप ने उनके बाएं पैर पर डंस लिया।

जैसे ही महिला को सांप के काटने का अहसास हुआ और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, परिजन आनन्-फानन में उन्हें तुरंत सीएचसी बैजनाथ लेकर पहुंचे। अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया और उनकी जान बचाने के लिए एंटी स्नेक वेनम (Anti Snake Venom) का इंजेक्शन भी दिया।

रास्ते में तोड़ा दम, पुलिस और वन विभाग सक्रिय

सीएचसी बैजनाथ में प्राथमिक उपचार के बाद भी जब तुलसी देवी की हालत में सुधार नहीं हुआ और उनकी स्थिति बेहद गंभीर बनी रही, तो डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू सुविधा के लिए तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उन्हें एम्बुलेंस से जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन दुर्भाग्यवश जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया

सर्पदंश से महिला की मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।

  • पुलिस एक्शन: बैजनाथ/रामनगर क्षेत्र के कोतवाल अनिल उपाध्याय ने बताया कि जिला अस्पताल से सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया था, और मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
  • वन विभाग का मुआवजा: वन विभाग के प्रभारी एसडीओ एमएस गुसाईं ने बताया कि पूरा मामला संज्ञान में आ चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होते ही नियमानुसार मृतका के परिजनों को सरकारी राहत राशि (मुआवजा) प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।

 वन विभाग की विशेष एडवाइजरी: झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें

इस दुखद घटना के बाद वन विभाग ने बरसात के मौसम को लेकर एक विस्तृत चेतावनी और सलाह जारी की है। प्रभारी एसडीओ गुसाईं के अनुसार, बरसात के इन दिनों में भारी बारिश के कारण जमीन के नीचे बने सांप व अन्य जहरीले जीवों के बिलों में पानी भर जाता है, जिसके कारण वे बाहर निकलकर झाड़ियों और पत्थरों के आसपास शरण लेते हैं।

ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:

  1. सुरक्षात्मक गियर: मवेशियों के लिए चारा काटते या खेतों में काम करते समय पैरों में मजबूत जूते और हाथों में दस्ताने अवश्य पहनें।
  2. लाठी और टॉर्च का प्रयोग: घनी झाड़ियों या अंधेरी जगहों पर जाने से पहले लाठी से झाड़ियों को खटखटाएं और रात के समय हमेशा टॉर्च का उपयोग करें।
  3. घर के आसपास सफाई: अपने घरों और गोशाला के आसपास घास और झाड़ियों को उगने न दें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखें।
  4. झाड़-फूंक से बचें: सर्पदंश (सांप के काटने) की स्थिति में अंधविश्वास या झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बिल्कुल न गंवाएं। बिना देर किए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन लगवाएं।
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उत्तराखंड

FIR Against Rahul Gandhi Under SC/ST Act and BNS

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हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण के विवाद से राजनीतिक घमासान शुरू हुआ. Moreover, इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के against एफआईआर दर्ज कर ली है. राहुल गांधी पर FIR दर्ज! हल्द्वानी रामलीला मैदान विवाद, SC/ST Act के तहत मुकदमा.

🏛️ खड़गे की सभा और शुद्धिकरण कार्यक्रम से उपजा था विवाद

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा से जुड़ा हुआ है। खड़गे की सभा के बाद मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण कार्यक्रम’ को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में लंबी और तीखी बयानबाजी का दौर चला था, जिसने दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा दिया था।

इसी बीच, विनोद आर्य और अमित कुमार की ओर से स्थानीय पुलिस को एक औपचारिक तहरीर दी गई।

दी गई तहरीर में आरोप है कि राहुल गांधी के बयानों में जातिसूचक शब्द थे, जिससे भावनाएं ठेस पहुंचीं।

राहुल गांधी पर FIR दर्ज! हल्द्वानी रामलीला मैदान विवाद, SC/ST Act के तहत मुकदमा

⚖️ एससी/एसटी एक्ट और बीएनएस की इन धाराओं में हुआ केस दर्ज

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह मशविरा किया। अमित कुमार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 297/2026 दर्ज कर ली है

उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने निम्नलिखित गंभीर धाराएं लगाई हैं:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना आदि)
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य)
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(q)

🔍 पुलिस की विवेचना पर टिकी निगाहें

एफआईआर दर्ज होने के बाद रामलीला मैदान शुद्धिकरण विवाद ने एक नया और बड़ा राजनीतिक तथा कानूनी मोड़ ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे के बाद से राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी और तेज हो गई है।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

लेकिन वास्तविक स्थिति पुलिस विवेचना (Investigation) और साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल पुलिस की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

इस मामले में होने वाली विवेचना पर भी सभी की निगाहें बनी हैं।

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