उत्तराखंड
BREAKING: बागेश्वर की बेटी ममता खाती को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’, कत्यूर घाटी और पिंगलों गांव में जश्न का माहौल
देवभूमि जन हुंकार, बागेश्वर: उत्तराखण्ड की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। जनपद बागेश्वर की गरुड़ तहसील अंतर्गत कत्यूर घाटी के ग्राम पिंगलों की निवासी और उत्तराखण्ड पुलिस बल में सेवारत ममता खाती को प्रतिष्ठित ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। इस घोषणा के बाद से ही उनके पैतृक गांव पिंगलों सहित समूची कत्यूर घाटी में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है।
🥇 38वें राष्ट्रीय खेलों में जीता था गोल्ड और कांस्य पदक
ममता खाती ने इससे पूर्व उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपने अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण (Gold) और कांस्य (Bronze) पदक अपने नाम कर गरुड़ तहसील, बागेश्वर जनपद और उत्तराखण्ड पुलिस का नाम पूरे देश में रोशन किया था। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कत्यूर घाटी के निवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और गांव में मिष्ठान वितरण कर उत्सव मनाया जा रहा है।
👮 2016 में पुलिस सेवा में प्रवेश, मॉडर्न पेंटाथलॉन में रचा इतिहास
ममता खाती वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस में जनपद अल्मोड़ा में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में पुलिस सेवा में पदार्पण किया और विभागीय दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ मॉडर्न पेंटाथलॉन (Modern Pentathlon) खेल का नियमित अभ्यास शुरू किया।
कड़े परिश्रम और अडिग लगन के दम पर ममता ने पिछले वर्ष लेजर रन (Laser Run) स्पर्धा में असाधारण प्रदर्शन करते हुए:
- व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल
- टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल
- 3 किलोमीटर रिले (मिक्स) स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर यह सिद्ध कर दिया कि पहाड़ की बेटियां खेल और साहस के हर मैदान में अग्रणी हैं।
👨👩👧 सैन्य पृष्ठभूमि से नाता, जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
ममता खाती एक अनुशासित सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रणजीत सिंह खाती भारतीय सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं, जबकि उनकी माता हंसी देवी एक कुशल गृहिणी हैं। ममता अभी अविवाहित हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपने खेल एवं पुलिस सेवा को समर्पित हैं।
ममता खाती को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार मिलने पर राज्य के गणमान्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है। दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, विधायक पार्वती दास, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण, नगर पंचायत अध्यक्ष भावना वर्मा एवं जिला महामंत्री घनश्याम जोशी ने ममता खाती और उनके परिजनों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि ममता की यह सफलता प्रदेश के युवाओं और विशेषकर बालिकाओं के लिए खेल जगत में नए कीर्तिमान रचने की प्रेरणा बनेगी।
उत्तराखंड
नैनीताल जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने 2 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश किया घोषित
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी चेतावनी और जिलेभर में हो रही मूसलाधार बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ललित मोहन रयाल ने 02 सितंबर 2026 (बुधवार) को जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।
⚠️ मौसम विभाग का ‘Orange Alert’ और भूस्खलन का खतरा
निदेशक, भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, जनपद नैनीताल में 2 सितंबर को ‘Orange Alert’ जारी किया गया है। इसके तहत जनपद के पर्वतीय एवं मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने, गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर चलने की प्रबल संभावना जताई गई है।
वर्तमान में जनपद के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप नदियों, नालों और गधेरों में तेज जल प्रवाह देखने को मिल रहा है। इसके अलावा संवेदनशील स्थलों पर भू-स्खलन (Landslide) होने की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटने का जोखिम बना हुआ है।
🏫 आदेश का दायरा और मुख्य बिंदु
बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- किसे बंद रखा जाएगा: जनपद नैनीताल के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 01 से 12 तक संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थाओं) तथा समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1 दिन का अवकाश रहेगा।
- स्टाफ के लिए निर्देश: विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण एवं समस्त कार्यालय स्टाफ हेतु भी यह अवकाश पूरी तरह अनुमन्य रहेगा।
- किसे छूट दी गई है: यह आदेश नैनीताल शहर क्षेत्र के अंतर्गत संचालित उन आवासीय शैक्षणिक संस्थाओं पर लागू नहीं होगा, जहाँ छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं एक ही परिसर के भीतर उपलब्ध हैं।
👮♂️ सख्ती से पालन के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी, नैनीताल और जिला कार्यक्रम अधिकारी, नैनीताल को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में इस आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराएं। यदि कोई संस्थान आदेश की अवहेलना करता पाया गया, तो विचलन की दशा में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन ने आम जनमानस, अभिभावकों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलें और उफनते नदी-नालों व संवेदनशील पर्वतीय मार्गों से दूरी बनाए रखें।
उत्तराखंड
बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग; पदयात्रा बनी विशाल जनआंदोलन, खुरियाखत्ता में उमड़ी भारी भीड़, वनाधिकार कानून पर उठी आवाज
हल्द्वानी / बिंदुखत्ता: उत्तराखंड के बहुचर्चित क्षेत्र बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर चल रहा संघर्ष अब एक विकराल और व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से शुरू हुई यह पदयात्रा मंगलवार को खुरियाखत्ता नंबर 9 और 10 पहुँची, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
🎶 जनगीतों के जोश के साथ आगे बढ़ी पदयात्रा
मंगलवार को खुरियाखत्ता पहुँची इस पदयात्रा के दौरान शामिल लोगों को ‘बिंदुखत्ता मांगे राजस्व ग्राम’ लिखी विशेष टी-शर्ट्स वितरित की गईं। इस दौरान वनाधिकार संगठन के कविराज धामी ने जोशपूर्ण जनगीत ‘ले मशालें चल पड़े हैं, लोग मेरे गांव के’ गाया, जिससे पदयात्रियों और स्थानीय जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को वनाधिकार कानून (FRA) से जुड़ी कानूनी बारीकियों और अधिकारों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
📜 “बसासत 1932 से है, संस्तुति के जाल में न उलझाएं”
वनाधिकार संगठन की महिला उपाध्यक्ष ममता बिष्ट ने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि FRA के तहत तीन पीढ़ियों या 75 वर्षों तक एक ही स्थान पर रहने की बात हर मामले में अनिवार्य शर्त नहीं है। उन्होंने कड़ा दावा किया कि बिंदुखत्ता की बसासत वर्ष 1932 से चली आ रही है और यहां के लोगों ने पीढ़ियों से वन क्षेत्र पर निर्भर रहकर अपना जीवन बिताया है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि अब इस मामले को केवल ‘संस्तुति’ (Recommendation) जैसे प्रशासनिक और नौकरशाही के विषयों में उलझाने के बजाय सीधे कानून के अनुसार ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
❓ सरकार से तीखा सवाल: “जब देश में 1,700 गांव बन सकते हैं, तो बिंदुखत्ता क्यों नहीं?”
वनाधिकार संगठन के उपाध्यक्ष दीपक जोशी ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को मजबूती से दोहराते हुए कहा कि FRA के तहत प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अलग-अलग शर्तों के आधार पर रोकना इस अधिनियम की मूल भावना के पूरी तरह विपरीत है।
उन्होंने सरकार से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि यदि देश के अलग-अलग हिस्सों में वनाधिकार कानून के तहत 1,700 से अधिक राजस्व ग्राम बनाए जा चुके हैं—जिनमें उत्तर प्रदेश में 54 और उत्तराखंड में 6 राजस्व ग्राम शामिल हैं—तो फिर बिंदुखत्ता को अब तक यह दर्जा क्यों नहीं दिया गया?
👥 भारी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों की भागीदारी
मंगलवार की इस पदयात्रा में आंदोलन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ, बलवंत बिष्ट, ममता बिष्ट, कविराज धामी, भरत नेगी, दीपक जोशी, सोहनलाल, सुशील यादव, दीपक नेगी, सूबेदार प्रेम सिंह, मंगल सिंह कोश्यारी और वीरेंद्र कार्की शामिल रहे।
इसके साथ ही आंदोलन में महिलाओं की भी ऐतिहासिक भागीदारी देखने को मिली। मंजू देवी, गंगा देवी, पार्वती देवी, दीपा देवी और कौशल्या देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं इस आयोजन में डटी रहीं।
आयोजकों के अनुसार, मंगलवार का कार्यक्रम टूटी पुलिया चौराहे पर एक विशाल सभा के बाद संपन्न हुआ। बुधवार को यह पदयात्रा शीशमभुजिया क्षेत्र की ओर रवाना होगी, और बिंदुखत्ता को उसका हक मिलने तक यह आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा।
उत्तराखंड
लालकुआं में भीषण अग्निकांड: अंबेडकर नगर वार्ड एक में बंद मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी भयंकर आग, 5 लाख से अधिक की गृहस्थी जलकर स्वाहा
लालकुआं / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के लालकुआं कोतवाली क्षेत्र से एक बड़ी और दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आ रही है। क्षेत्र के अंबेडकर नगर वार्ड नंबर एक में बीती सोमवार रात एक बंद मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग भड़क उठी। इस अग्निकांड की चपेट में आने से पीड़ित परिवार का सारा गृहस्थी का सामान जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया है। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त परिवार घर पर मौजूद नहीं था, वरना एक बहुत बड़ी जनहानि हो सकती थी।
🏠 रक्षाबंधन मनाने दिल्ली गया था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर वार्ड नंबर एक निवासी राजेश उर्फ बल्ले का परिवार रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने के लिए अपनी रिश्तेदारी में दिल्ली गया हुआ था। घर पर ताला लगा हुआ था। सोमवार रात अज्ञात कारणों के चलते उनके बंद मकान में अचानक आग धधक उठी।
देर रात जब उनके भाइयों ने मकान की खिड़कियों और छत से घना धुआं निकलते तथा तेज गर्मी से टाइल्स टूटते हुए देखी, तो उनके होश उड़ गए। इलाके में हड़कंप मच गया।
💧 भाइयों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बुझी आग
मकान में धुआं और ऊंची लपटें देखकर भाई शम्भू और हरीश ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के लोगों को अलर्ट किया। इसके बाद उन्होंने बिना एक पल गंवाए स्थानीय नागरिकों की मदद से पानी की व्यवस्था की और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
काफी मशक्कत और घंटों के कड़े संघर्ष के बाद किसी तरह आग को पूरी तरह से शांत किया जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग इतनी भीषण थी कि घर के अंदर रखा सामान पूरी तरह जलकर कोयला बन चुका था।
💰 5 लाख से अधिक का नुकसान, परिवार सदमे में
इस भयंकर अग्निकांड में घर में रखा फ्रीज, कूलर, पंखे, कीमती कपड़े, बिस्तर, बर्तन और अन्य आवश्यक गृहस्थी का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक इस दुर्घटना में उनका लगभग 5 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने घटना की तुरंत फोन के माध्यम से दिल्ली में मौजूद गृहस्वामी राजेश उर्फ बल्ले को सूचना दी। हादसे की खबर सुनते ही पीड़ित परिवार गहरे सदमे में आ गया, और मंगलवार सुबह जब वे किसी तरह अपने घर पहुंचे तो उनका रो-रोकर बुरा हाल था।
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन इस अचानक हुई दुर्घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा दुख और चिंता का माहौल बना हुआ है।
-
मनोरंजन1 week agoयश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका: रिलीज के पहले दिन ही 101.10 करोड़ की नेट कमाई, दुनिया भर में ₹140 करोड़ पार
-
मुख्य1 week agoबदलता दौर और देश की तस्वीर: उम्मीदों और चुनौतियों के बीच खड़े हम
-
धर्म एवं संस्कृति1 week agoभारत में दिखाई नहीं देगा 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जहां ग्रहण नहीं दिखता, वहां सूतक और कठोर प्रतिबंध लागू नहीं होते।
-
उत्तराखंड1 week agoरामनगर में ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डायल-112 की सूचना पर शिव मंदिर के पास से अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार
-
मुख्य3 days agoहल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में हाईवोल्टेज ड्रामा; रिजल्ट न आने पर भड़के छात्र प्राचार्य कक्ष की छत पर चढ़े, खुद पर छिड़का पेट्रोल
-
क्राइम1 week agoBREAKING: नैनीताल बैंक की डालीगंज शाखा में ₹1.87 करोड़ का बड़ा फर्जीवाड़ा: जाली दस्तावेजों और फर्जी पहचान पत्रों पर 9 होम लोन व कैश क्रेडिट हड़पने वाले 18 लोगों पर FIR दर्ज
-
राजनीति2 weeks agoहल्द्वानी में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल और यातायात व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
-
देश / दुनिया1 week agoनेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से महाविनाश; 17 की मौत, 384 से ज्यादा लोग लापता, चीन बॉर्डर को जोड़ने वाली 42 KM सड़क और कई पुल भोटेकोशी नदी में बहे
