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Villagers Detain Karnataka Police in Nepal; Release After Intervention

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बनबसा / चम्पावत: भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर सामने आ रही है।

नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा हुआ।

इसके बाद, बिना स्थानीय पुलिस को आधिकारिक सूचित किए और बिना वैध वारंट के की गई इस कार्रवाई नेपाल में भारी हंगामा मचाती रही।

अंततः नेपाल पुलिस के अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम को पुलिसकर्मियों को छोड़ा गया।

इसके बाद वे बैरंग वापस लौट आए।

🔍 नेपाल तक कैसे पहुँची कर्नाटक पुलिस?

According to available details, a serious rape case involving a minor emerged in Karnataka a few months ago.

However, after charges were filed, the police had been actively searching for the main accused.

They were also conducting raids across several states and locations to arrest him.

जांच के दौरान सूत्रों से कर्नाटक पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी की लोकेशन नेपाल में है. इसी सूचना के आधार पर शनिवार को पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में बनबसा बार्डर से नेपाल पहुँचे. वे नेपाल के कंचनपुर जिले के दोराहे क्षेत्र में पहुँचे. नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा.

ग्रामीणों के विरोध और बंधक बनाए जाने की स्थिति

नेपाल के उक्त गांव में कर्नाटक पुलिस ने स्थानीय सहयोग के बगैर आरोपी को पकड़ने की धरपकड़ शुरू की।

फिर माहौल अचानक गर्म हो गया।

बाहरी पुलिसकर्मियों को इस तरह कार्रवाई करते देख स्थानीय लोग भड़क गए।

A large number of villagers quickly gathered.

They surrounded the Karnataka police team on all sides.

Consequently, the police were held hostage, and officers panicked.

नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा.

👮‍♂️ नेपाल पुलिस की एंट्री और वारंट का पेच

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नेपाल पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची।

तब नेपाल पुलिस ने कर्नाटक पुलिस से पूछताछ की।

आरोपी का गिरफ्तारी वारंट और नेपाल में कार्रवाई के वैध दस्तावेज दिखाने को कहा, पर वे असमर्थ रहे।

Additionally, it emerged that before the border raid, the Karnataka police gave no prior notice to Nepal’s local administration.

Nor did they seek any legal cooperation from Nepal authorities.

🔄 शाम को रिहाई और बैरंग वापसी

आज सुबह नेपाल पहुँचे इन पुलिसकर्मियों और आक्रोशित ग्रामीणों के बीच घंटों तक तीखी नोंकझोंक और खींचतान रही।

इसके बाद स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए नेपाल पुलिस के उच्चाधिकारियों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की।

अंततः नेपाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शाम को ग्रामीणों ने कर्नाटक पुलिस की टीम को मुक्त किया।

इसके अलावा, वे अपनी कार्रवाई में सफल नहीं हो पाए और बैरंग लौट आए।

मामला नेपाल में कर्नाटक पुलिस को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पॉक्सो आरोपी की दबिश पर हंगामा के रूप में चर्चा में रहा।

अंतरराष्ट्रीय बार्डर पर बिना समन्वय के पुलिस कार्रवाई करने का यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

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