उत्तराखंड

‘वेस्ट हाईवे और बेकाबू रफ्तार का कहर!’ हल्दूचौड़ चौराहे पर हुए भीषण हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा, डंपर पुलिस के कब्जे में

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हल्दूचौड़ / लालकुआं: उत्तराखंड के हल्दूचौड़ चौराहे पर रविवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई है। सड़क पार कर रहे एक स्कूटी सवार युवक को तेज गति से आ रहे बेकाबू डंपर ने अपनी जोरदार चपेट में ले लिया, जिससे युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। घटना के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर है और लोगों में यातायात सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह हादसा रविवार दोपहर व्यस्त हल्दूचौड़ चौराहे पर हुआ। मृतक की पहचान कमल पांडे पुत्र पूरन पांडे, निवासी हिम्मतपुर चौमवाल, बेरीपड़ाव के रूप में बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि कमल पांडे अपनी स्कूटी से सड़क क्रॉस कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक तेज गति के डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयानक था कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक वाहन समेत भागने की कोशिश में था, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और दुर्घटना में शामिल डंपर को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

हल्दूचौड़ चौराहे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे और व्यस्त चौराहों की यातायात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इस चौराहे पर दिनभर भारी भरकम व्यावसायिक वाहनों के साथ-साथ दोपहिया और अन्य स्थानीय वाहनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच से राहगीरों और दोपहिया चालकों के लिए सड़क पार करना लगातार जानलेवा साबित हो रहा है।

स्थानीय लोगों और आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कुछ दिनों तक जिम्मेदार विभाग और प्रशासन सक्रिय नजर आते हैं। चौराहों का निरीक्षण होता है, यातायात व्यवस्था सुधारने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं।

लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने पुरजोर मांग रखी है कि हादसे के बाद केवल औपचारिकताएं और आश्वासन तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि दुर्घटना संभावित चौराहों पर स्पष्ट रोड मार्किंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग), प्रभावी संकेतक (साइनबोर्ड), गति नियंत्रण (स्पीड ब्रेकर) और सुरक्षित क्रॉसिंग की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कमल पांडे की अकाल मौत से हिम्मतपुर चौमवाल और बेरीपड़ाव क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे सड़क हादसे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ये कई हंसते-खेलते परिवारों की पूरी जिंदगी उजाड़ रहे हैं। प्रशासन को अब जागने की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को अपने किसी सदस्य को खोने का यह दर्द न झेलना पड़े।

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