अल्मोड़ा
अल्मोड़ा में भारी बारिश का कहर: पहाड़ी से गिरे मलबे ने ली तीन लोगों की जान
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है, और इसी बीच अल्मोड़ा जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले के हवालबाग ब्लॉक क्षेत्र के उड़यूड़ा गांव में मंगलवार सुबह भारी मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा प्राकृतिक हादसा हो गया। पहाड़ी से अचानक आए भारी मलबे की चपेट में एक रिहायशी मकान आ गया, जिससे घर के भीतर मौजूद तीन लोगों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई है।
⛰️ पहाड़ी से आया भारी मलबा, मकान पर ढाया कहर
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से अल्मोड़ा समेत पूरे कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे पहाड़ों की मिट्टी ढीली हो चुकी है और भूस्खलन (Landslide) का खतरा चरम पर है।
मंगलवार की सुबह हवालबाग ब्लॉक के उड़यूड़ा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लगातार बारिश के चलते पास की पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गया। यह मलबा सीधे एक मकान पर जा गिरा। मलबा इतना अचानक और भीषण था कि मकान का बड़ा हिस्सा ढह गया और घर के अंदर सो रहे या मौजूद तीन लोग मलबे के नीचे दब गए।
🚨 SDRF और आपदा प्रबंधन टीम का तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन
इस भयंकर हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में कोहराम मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें बिना किसी देरी के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।
राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर तुरंत मोर्चा संभाला और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे को हटाकर दबे हुए तीनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी— मलबे में दबने से तीनों की सांसें थम चुकी थीं। इस अकल्पनीय घटना से मृतका/मृतकों के परिजनों और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
⚠️ प्रशासन की सख्त चेतावनी और अपील
घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है।
प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा आने का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है। ऐसे में आम जनता से अपील की जाती है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें, अनावश्यक यात्राओं से बचें और किसी भी भूस्खलन संभावित या संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।