उत्तराखंड
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए हल्द्वानी में उतरी कांग्रेस: कैंडल मार्च निकालकर उठाई आवाज, राज्यपाल नियुक्ति पर सवाल
हल्द्वानी / देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में न्याय की आस और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत एक बार फिर पूरी तरह गर्मा गई है। गुरुवार शाम को वाणिज्यिक नगरी हल्द्वानी के नैनीताल रोड स्थित तिरंगा पार्क में कांग्रेसजनों ने भारी संख्या में एकत्र होकर एक भव्य कैंडल मार्च निकाला और अपनी मुखर आवाज बुलंद की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी के परिजनों को त्वरित न्याय दिलाने के साथ-साथ प्रदेश की समस्त बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा की पुरजोर माँग उठाई।
दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उठाए गंभीर सवाल
कैंडल मार्च और प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने केवल अंकिता हत्याकांड का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी तीखा प्रहार किया। कांग्रेस नेताओं ने दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में जब पूरा प्रदेश न्याय की गुहार लगा रहा है, ऐसे संवेदनशील समय में इस प्रकार की नियुक्ति को लेकर जनमानस और आम जनता के मन में जो गंभीर आशंकाएं उठ रही हैं, उनका सरकार द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने माँग की कि इस प्रकरण से जुड़े सभी अनसुलझे सवालों का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
“अंकिता को न्याय दिलाना पूरे उत्तराखंड की जिम्मेदारी” : सुमित हृदयेश
कार्यक्रम के दौरान हल्द्वानी के विधायक श्री सुमित हृदयेश ने मीडिया और जनता को संबोधित करते हुए बेहद संवेदनशील और कड़े शब्दों में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि:
“अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर विषय है। अंकिता के माता-पिता ने अपनी जवान बेटी को खोने का जो असहनीय दर्द सहा है, ऐसे में उन्हें न्याय मिलने की लंबी प्रतीक्षा उनकी पीड़ा को और अधिक गहरा करती है।”
विधायक सुमित हृदयेश ने आगे कहा कि अंकिता के परिजनों का यह दर्द अब पूरे प्रदेश की सामूहिक संवेदनाओं से जुड़ चुका है। एक बेटी को इंसाफ दिलाने की यह गूँज तब तक थमने वाली नहीं है, जब तक उसके परिवार को पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता। प्रदेश की हर बेटी को भयमुक्त, सुरक्षित वातावरण और सम्मान पाने का पूरा अधिकार है। यह विषय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की सीमाओं से ऊपर उठकर विशुद्ध रूप से न्याय, मानवीय संवेदना और हमारी बेटियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा है। कांग्रेस पार्टी अंकिता के परिजनों को न्याय मिलने तक यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ लड़ती रहेगी।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, उनके परिजनों की संघर्षरत आवाज को हर मंच पर मजबूती देने तथा उत्तराखंड की हर एक बेटी के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपना राजनीतिक व सामाजिक संघर्ष अनवरत जारी रखेंगे।
कैंडल मार्च में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हेमंत बगड़वाल एवं हरीश मेहता, प्रदेश सचिव गुरप्रीत प्रिंस, जिला महामंत्री मलय बिष्ट, सुहैल सिद्दीकी, मोहन बिष्ट, हेमंत साहू, डॉ. बालम सिंह बिष्ट, विमला सांगुड़ी, निर्मला जोशी, पिंकी पांडे, गोविंद बगड़वाल, कौशलेंद्र भट्ट, तस्कीन अहमद, ज्ञान सिंह थापा, पार्षद मो. गुफरान, पार्षद मो. राशिद, पार्षद सलीम सैफी, नोएल मेसी, राजू रावत, प्रदीप नेगी, संजू उप्रेती, एडवोकेट गौरव कर्नाटक, कोमल जायसवाल, अमित रावत, देवेंद्र नेगी, शुभम जोशी, सूरज कुमार, अंशु जोशी, जिज्ञासु भट्ट, प्रदीप कुमार सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेसजनों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, उनके परिजनों की आवाज को मजबूती से उठाने तथा उत्तराखंड की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।