जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने की हल्द्वानी में धान की फसल की क्रॉप कटिंग, कहा- किसानों के हित में अहम हैं ये आंकड़े

हल्द्वानी (उत्तराखंड)। रविवार को तहसील हल्द्वानी के ग्राम नवाड़ खेड़ा में कृषक ललित मेहरा के खेत में धान की फसल की क्रॉप कटिंग (Crop Cutting) का निरीक्षण जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग सर्वे (Crop Cutting Survey) से प्राप्त आंकड़े फसल उत्पादन (Crop Yield) के सटीक अनुमान में मदद करते हैं, जो किसानों के हित (Farmers Welfare) में अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं।
डीएम रयाल ने बताया कि सरकार द्वारा कृषि नीति (Agriculture Policy), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), खाद्यान्न भंडारण नीति, आयात-निर्यात नीति जैसी योजनाओं के निर्माण में इन्हीं आंकड़ों का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह डेटा किसानों के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) के दौरान फसल क्षति की स्थिति में राहत राशि का निर्धारण इन्हीं क्रॉप कटिंग के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कृषि सांख्यिकी सर्वेक्षण (Agriculture Statistics Survey) में भी इन आंकड़ों को शामिल किया जाता है, जिससे राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता (Agricultural Productivity) का वास्तविक मूल्यांकन संभव हो पाता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा चलाए जा रहे कृषि सर्वेक्षण (Agricultural Survey) में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि उन्हें योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
इस अवसर पर तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे, स्थानीय किसान और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
